उत्तरकाशी के गुराड़ी गांव में भीषण आग! तीन घर राख, 13 मवेशियों की मौत

    07-Jan-2026
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A massive fireImage Source:(Internet) 
एबी न्यूज़ नेटवर्क।
उत्तराखंड के उत्तरकाशी (Uttarkashi) ज़िले के मोरी तहसील अंतर्गत गुराड़ी गांव में बुधवार तड़के भीषण आग लगने से बड़ा नुकसान हो गया। सुबह करीब 5:30 बजे भड़की आग ने कुछ ही देर में विकराल रूप ले लिया, जिससे पूरे गांव में अफरा-तफरी फैल गई। इस हादसे में तीन आवासीय मकान पूरी तरह जलकर राख हो गए, जबकि आग की चपेट में आने से 13 पालतू पशुओं की दर्दनाक मौत हो गई। जिन पशुओं की जान गई उनमें चार गाय, एक सांड, सात बकरियां और एक भेड़ शामिल हैं। मवेशियों के नुकसान से प्रभावित परिवारों पर आर्थिक संकट गहरा गया है। लपटों और धुएं का गुबार दूर-दूर तक दिखाई दे रहा था, जिससे गांव में दहशत का माहौल बन गया।
 
सोते समय लगी आग, रातों-रात उजड़ गए घर
घटना के समय अधिकांश ग्रामीण अपने घरों में सोए हुए थे। अचानक आग लगते ही चीख-पुकार और भगदड़ मच गई। ग्रामीणों ने जान बचाते हुए बाल्टियों और उपलब्ध साधनों से आग बुझाने का प्रयास किया और साथ ही प्रशासन को सूचना दी। सूचना मिलते ही राजस्व विभाग, पुलिस और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुंचीं। ग्रामीणों की मदद से कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। सौभाग्य से किसी मानव हानि की खबर नहीं है, लेकिन मकानों और पशुओं के नुकसान ने परिवारों की कमर तोड़ दी है। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में हालात को नियंत्रित किया गया।

शॉर्ट सर्किट या चूल्हे की चिंगारी की आशंका
आग लगने के कारणों का अभी आधिकारिक खुलासा नहीं हुआ है, हालांकि शॉर्ट सर्किट या चूल्हे की चिंगारी को संभावित वजह माना जा रहा है। राजस्व विभाग की टीम नुकसान का आकलन कर रही है, ताकि पीड़ित परिवारों को आपदा राहत मानकों के तहत मुआवज़ा उपलब्ध कराया जा सके। प्रशासन ने ग्रामीणों से सतर्क रहने और आग से बचाव के उपाय अपनाने की अपील की है। पहाड़ी क्षेत्रों में सर्दियों के दौरान लकड़ी के घरों और पारंपरिक हीटिंग तरीकों के कारण आग लगने की घटनाएं आम होती हैं। गुराड़ी गांव की यह घटना एक बार फिर आग से सुरक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता की ओर इशारा करती है।