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एबी न्यूज़ नेटवर्क।
छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के रायगढ़ ज़िले में कोयला खनन परियोजना के विरोध के बीच एक ड्यूटी पर तैनात महिला आरक्षक के साथ हुई मारपीट और अभद्रता की दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यह मामला तमनार ब्लॉक में 27 दिसंबर को उस समय हुआ, जब 14 गांवों के निवासी खनन परियोजना का विरोध कर रहे थे। प्रदर्शन के दौरान तनाव बढ़ा और भीड़ के उग्र हो जाने पर महिला आरक्षक को कथित तौर पर अलग ले जाकर खेत में हमला किया गया। कई दिनों बाद इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसके बाद राज्यभर में आक्रोश फैल गया और पुलिस प्रशासन हरकत में आया।
वीडियो में दिखी दरिंदगी
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में महिला आरक्षक जमीन पर पड़ी नजर आती है और मदद की गुहार लगा रही होती है। वहीं, कुछ लोग उससे उसके घटना स्थल पर मौजूद होने पर सवाल करते और उसका अपमानजनक व्यवहार करते दिखाई देते हैं। आरोप है कि इसी दौरान उसकी वर्दी के साथ भी छेड़छाड़ की गई। महिला आरक्षक बार-बार यह कहती सुनी गई कि उसने किसी का कुछ नहीं बिगाड़ा, फिर भी उसे इस तरह प्रताड़ित किया जा रहा है। वीडियो बनाने वाला व्यक्ति भी उस पर दबाव बनाते हुए दिखाई देता है। इस वीडियो के सामने आते ही सोशल मीडिया पर गुस्से और निंदा की लहर दौड़ पड़ी, और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर फिर सवाल खड़े हो गए।
दो आरोपी गिरफ्तार, अन्य की तलाश जारी
रायगढ़ पुलिस ने बताया कि दो स्थानीय लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि वीडियो और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है। पुलिस का कहना है कि इस मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। इस घटना ने साफ कर दिया है कि सार्वजनिक आंदोलनों के दौरान कानून व्यवस्था और ड्यूटी पर तैनात महिला कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना कितना आवश्यक है। सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने मांग की है कि ऐसी घटनाओं को दोबारा होने से रोकने के लिए कड़े उपाय किए जाएं और दोषियों को उदाहरणात्मक सजा दी जाए। इस बीच पीड़ित महिला आरक्षक को हर संभव मानसिक और कानूनी सहायता उपलब्ध कराने की बात भी प्रशासन द्वारा कही गई है।