अजित पवार के निधन पर महाराष्ट्र में सार्वजनिक अवकाश, तीन दिन का राजकीय शोक घोषित

    28-Jan-2026
Total Views |
 
Maharashtra
 Image Source:(Internet)
मुंबई |
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार (Ajit Pawar) के बुधवार सुबह हुए दुखद विमान हादसे में निधन के बाद पूरे राज्य में शोक की लहर दौड़ गई है। इस बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने राज्य में एक दिन का सार्वजनिक अवकाश और तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है। मुंबई में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अजित पवार का निधन महाराष्ट्र के लिए एक ऐसी क्षति है जिसकी भरपाई संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि दिवंगत नेता के अंतिम संस्कार से जुड़े सभी निर्णय उनके परिवार से चर्चा के बाद ही लिए जाएंगे।
 
 
महाराष्ट्र ने एक जुझारू नेता खो दिया - फडणवीस
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अजित पवार को एक कर्मठ, निर्भीक और समर्पित नेता बताते हुए कहा कि उन्होंने हर परिस्थिति में मजबूती के साथ काम किया। फडणवीस ने कहा, “आज महाराष्ट्र के लिए बेहद कठिन दिन है। ऐसे नेतृत्व को तैयार होने में वर्षों लगते हैं। अजित दादा का राज्य के विकास में बड़ा योगदान रहा है। उनका जाना केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि व्यक्तिगत तौर पर भी मेरे लिए एक बड़ा नुकसान है—मैंने एक मित्र खो दिया है।”
 
उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने फोन पर बात कर इस हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे जल्द ही बारामती रवाना होंगे और परिवार से मुलाकात के बाद अंतिम संस्कार की रूपरेखा तय की जाएगी।
 
राज्यभर में शोक, अस्पताल के बाहर उमड़ी भीड़
अजित पवार के पार्थिव शरीर को बारामती अस्पताल लाए जाने के बाद वहां भारी संख्या में समर्थकों और कार्यकर्ताओं की भीड़ उमड़ पड़ी। एनसीपी के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल, सांसद सुप्रिया सुले, पत्नी सुनेत्रा पवार और पुत्र पार्थ पवार दिल्ली से बारामती के लिए रवाना हो चुके हैं। 66 वर्षीय अजित पवार, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और शरद पवार के भतीजे थे। वे महाराष्ट्र के सबसे लंबे समय तक (अलग-अलग कार्यकाल में) उपमुख्यमंत्री रहने वाले नेता रहे। उन्होंने पृथ्वीराज चव्हाण, देवेंद्र फडणवीस, उद्धव ठाकरे और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली सरकारों में उपमुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया। वे अपने पीछे पत्नी सुनेत्रा पवार और दो पुत्र जय और पार्थ पवार को छोड़ गए हैं।