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एबी न्यूज नेटवर्क।
मतदान के दौरान इस्तेमाल की जाने वाली अमिट स्याही (Indelible ink) की गुणवत्ता को लेकर विपक्ष द्वारा लगाए गए आरोपों पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गुरुवार को तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इन आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद और निराधार बताते हुए कहा कि अमिट स्याही के हटने की कोई संभावना नहीं है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह मुद्दा पूरी तरह से चुनाव आयोग के अधिकार क्षेत्र में आता है और विपक्ष अनावश्यक रूप से विवाद खड़ा कर रहा है।
स्याही मिटने की संभावना से इनकार
मुख्यमंत्री फडणवीस ने मीडिया से बातचीत के दौरान अपने हाथ की उंगली पर लगी स्याही को रगड़कर दिखाया और कहा कि सामान्य परिस्थितियों में यह स्याही मिटाई नहीं जा सकती। उन्होंने कहा, “अगर वाकई ऐसा संभव है कि स्याही हट जाए, तो चुनाव आयोग को इस पर संज्ञान लेना चाहिए। यह पूरी तरह से चुनाव आयोग का विषय है।” मुख्यमंत्री के इस प्रदर्शन का उद्देश्य जनता को यह विश्वास दिलाना था कि मतदान प्रक्रिया में किसी भी तरह की गड़बड़ी नहीं हुई है।
हल्के-फुल्के अंदाज में विपक्ष पर तंज
अपने बयान के दौरान मुख्यमंत्री ने हल्के-फुल्के अंदाज़ में विपक्ष पर तंज भी कसा। उन्होंने कहा कि यदि विपक्ष को अब भी संदेह है, तो चुनाव आयोग चाहें तो स्याही की जगह ऑयल पेंट का इस्तेमाल करने पर भी विचार कर सकता है। उन्होंने विपक्ष पर “बेतुके और निरर्थक मुद्दे” उठाने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह सब जानबूझकर किया जा रहा है, ताकि मतदान प्रक्रिया को लेकर भ्रम फैलाया जा सके।
मतदाताओं से अपील
मुख्यमंत्री फडणवीस ने आरोप लगाया कि विपक्ष मतदान की हर प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर जनता में भ्रम और राष्ट्रीय संस्थाओं के प्रति अविश्वास पैदा करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे इस तरह के भ्रामक दावों से प्रभावित न हों और लोकतांत्रिक संस्थाओं पर अपना भरोसा बनाए रखें। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की चुनाव प्रक्रिया विश्व की सबसे मजबूत और पारदर्शी प्रक्रियाओं में से एक है, और इसे बदनाम करने के प्रयासों को सफल नहीं होने दिया जाएगा।