- बढ़ते अवैध होर्डिंग्स पर हाईकोर्ट का कड़ा रुख
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नागपुर।
नागपुर में विधिमंडल के शीतकालीन अधिवेशन के दौरान शहरभर में अवैध फ्लेक्स, पोस्टर, बैनर और कटआउट्स की बाढ़ पर बंबई हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ ने कड़ी आपत्ति जताई है। अदालत ने नागपुर महानगरपालिका (NMC) को तुरंत उन सभी लोगों की सूची पेश करने के निर्देश दिए, जिन्होंने इन अवैध होर्डिंग्स को लगाया है। अदालत ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि हर दोषी से 5 लाख रुपये का जुर्माना वसूला जाना चाहिए और कोर्ट के आदेश की अवमानना करने वालों पर आपराधिक प्रकरण और अवमानना कार्रवाई क्यों न की जाए।
60 अवैध होर्डिंग्स से अदालत नाराज, अधिकारियों पर जेल की चेतावनी
न्यायमूर्ति अनिल किलोर और न्यायमूर्ति रजनीश व्यास की खंडपीठ मंगलवार को दायर अवमानना याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिकाकर्ता दिनेश नायडू की ओर से बताया गया कि वर्धा रोड पर मेट्रो के खंभों पर ही 60 से अधिक अवैध होर्डिंग्स लगाए गए हैं। इस पर अदालत ने नाराजगी जताते हुए एनएमसी को फटकार लगाई और स्पष्ट कर दिया कि यदि व्यवस्था नहीं सुधरी तो संबंधित अधिकारी जेल भी जा सकते हैं। अदालत ने पूरे शहर से 24 घंटे के भीतर सभी अवैध होर्डिंग्स हटाने का आदेश जारी किया।
कोर्ट एफिडेविट से असंतुष्ट, ‘वेलविशर्स’ की पूरी सूची मांगी
बुधवार को मनपा आयुक्त ने शपथपत्र देकर बताया कि शहरभर से सभी अवैध होर्डिंग्स हटा दिए गए हैं। लेकिन अदालत इससे संतुष्ट नहीं हुई और निर्देश दिया कि शहर के हर इलाके में जिन्होंने भी ‘वेलविशर’ या एक्टिविस्ट बताकर पोस्टर-बैनर लगाए हैं, उनकी विस्तृत सूची पेश की जाए। साथ ही एनएमसी से स्पष्टीकरण मांगा गया कि हर व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता तुषार मंडलेकर, एनएमसी की ओर से अधिवक्ता जेमिनी कासट और राज्य सरकार की ओर से अधिवक्ता दीपक ठाकरे उपस्थित रहे।